Date: December 13, 2021
दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार अरविंद कुमार को सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। कुमार एसटीपीआई में शामिल होने से पहले, 2004 से ट्राई से जुड़े थे।
कुमार ने अपनी नियुक्ति के बाद कहा, ‘‘मेरी राय में, एसटीपीआई को प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के लिए एक एकल मंच के रूप में काम करना चाहिए। मेरा मानना है कि स्टार्टअप मुख्य रूप से 1,000 अरब डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था के सरकार के सपने को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं।"
एसटीपीआई इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीनस्थ एक स्वायत्त निकाय है और देश में प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं नवाचार के निर्माण पर ध्यान देता है।
कुमार ने आईआईटी-वाराणसी से एम.टेक की पढ़ाई की है और साथ ही ट्राई में काम करने से पहले सरकार के स्वामित्व वाले सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स में काम कर चुके हैं।
India has many reasons to feel proud about the success of its Software Industry. During the post liberalization era, Govt. policies have acted as a catalyst and facilitated the growth of IT exports.
Date: November 10, 2021
पंजाब सरकार के स्टार्टअप पंजाब हब(न्यूरॉन) की हिमायत प्राप्त रिसर्च और इनोवेशन कंपनी ‘ग्रेनपैड प्राईवेट लिमटिड’ को सोलारस ग्रुप से वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है जिससे ग्रेनपैड की वैलूएशन अब 101.74 करोड़ रुपए हो गई है।
डॉ. रोहित शर्मा, सी.ई.ओ.-कम-एम.डी. ग्रेनपैड ने भरपूर सहयोग देने के लिए पंजाब सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम 2018 से मोहाली स्थित स्टार्टअप पंजाब हब(न्यूरॉन) का हिस्सा हूँ। स्टार्टअप पंजाब की पूरी टीम के लगातार समर्थन और यत्नों ने हमें यहाँ तक पहुँचने बहुत में मदद की है।’’
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप पंजाब की तरफ से हाल ही में मिली मान्यता और सीड ग्रांट ने उनकी कंपनी को स्थापित करने के लिए अपेक्षित प्रोत्साहन दिया है और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी इसकी प्रामाणिकता बढ़ी है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्टार्टअप पंजाब, जो कि इनोवेशन और उद्यमिता को उत्साहित करने वाला पंजाब सरकार का नोडल सैल है, ने हाल ही में ग्रेनपैड को सीड ग्रांट के तौर पर 3 लाख रुपए दिए।
सचिव-कम-डायरैक्टर इंडस्ट्रीज एंड कामर्स श्री सिबिन सी, जोकि स्टेट स्टार्टअप के नोडल अफ़सर भी हैं, ने कहा कि पंजाब में उद्यमिता को उत्साहित करने के लिए, राज्य सरकार औद्योगिक और व्यापार में दर्शाऐ अनुसार सीड फंडिंग (न वापसीयोग कर्ज़े), ब्याज सब्सिडी, लीज़ रैंटल सब्सिडी समेत अलग-अलग वित्तीय प्रोत्साहन की पेशकश करती है। उन्होंने कहा सभी प्रोत्साहन जो लघु, छोटे मध्यम उद्योगों के लिए उपलब्ध हैं वह आईबीडीपी 2017 के अनुसार स्टार्टअप यूनिटों के लिए भी उपलब्ध हैं।
श्री सिबिन सी. ने कहा, ‘‘पंजाब में उद्यमिता की दशकों पुरानी परंपरा है और पंजाबियों ने अलग-अलग क्षेत्रों जैसे खेती और फूड प्रोसेसिंग, टेक्स्टाईल, फार्मास्यूटीकल, आईटी /आईटीईएस, स्टील, निर्माण, मॉबिलटी आदि में मज़बूत कारोबार स्थापित किये हैं।’’
हालिया पहलकदमियों संबंधी बात करते हुये उन्होंने कहा कि स्टार्टअप पंजाब ने तकनीकी शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से पंजाब स्टूडैंट ऐंटरप्रन्योरशिप स्कीम शुरू की है और एस.टी.पी.आई. मोहाली में 500 सीट वाला स्टार्टअप पंजाब हब(न्यूरॉन) स्थापित किया है, जो स्टार्टअपस के लिए प्लग -ऐन-प्ले स्पेस और एक अत्याधुनिक /डाटा विश्लेषन लैब से लैस है।
उन्होंने कहा, ‘‘स्टार्टअप पंजाब सैल’’ सुझाव देने, वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन और प्रगति में सहायता प्रदान करके राज्य के स्टार्टअप ईकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए वचनबद्ध है।
ज़िक्रयोग्य है कि ग्रेनपैड ने ‘जिनि ’ नाम का एक आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस मैडीकल उत्पाद तैयार किया है जो ओपीडी और मरीजों के लिए अस्पताल में बनाऐ प्रतिक्षालय क्षेत्रों में मुकम्मल इंटरव्यू के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जिनि मरीजों को सही सुझाव और सलाह प्रदान करता है, जिससे डाक्टरों और मरीजों दोनों का समय बचेगा।